UPITS उत्तर प्रदेश के MSMEs और ODOP को ग्लोबल ब्रांड्स बनाने वाला ब्रह्मास्त्र
‘यूपी में निवेश कीजिए, यूपी में मैन्युफैक्चर कीजिए। यहां लाखों MSMEs का मजबूत नेटवर्क है, उनके सामर्थ्य का इस्तेमाल कीजिए और एक कंप्लीट प्रोडक्ट यहीं तैयार कीजिए। इसके लिए हर मदद के साथ यूपी सरकार और भारत सरकार आपके साथ है।‘ तारीख 25 सितंबर 2025, जगह उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा का इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट। दुनिया भर के तमाम इन्वेस्टर्स और बिजनेसमेन को यूपी में इन्वेस्ट करने का यह निमंत्रण और सलाह खुद पीएम नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो UPITS-2025 में दी। वह ट्रेड शो जो पिछले तीन साल में उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि भारत की इकोनाॅमिक, इंडस्ट्रियल और कल्चरल स्ट्रेंथ का आईना बन चुका है। सुरक्षित इन्वेस्टमेंट इन्वायरमेंट और मजबूत इफ्रास्ट्रक्चर ने यूपी को घरेलू और विदेशी इन्वेस्टर्स की पहली पसंद बना दिया है। मौजूदा दौर का यूपी ग्रोथ, इन्वेस्टमेंट और इनोवेशन में एक ऐसे रनवे पर है जो अनस्टाॅपेबल है। चाहे एमएसमई हो या ओडीओपी से लेकर सीएम युवा अभियान, यूपीआईटीएस ने हर किसी को एक बड़ा प्लेटफाॅर्म तो दिया ही, साथ ही इन्हें ग्लोबल लेवल पर एक बड़ी पहचान भी दे दी है।
UPITS तीन साल, निवेश के लिए कितने बेमिसाल?
यूपी में पहला इंटरनेशनल ट्रेड शो सितंबर 2023 में कराया गया। तब से स्टेट गर्वनमेंट तीन साल लगातार तीन बार इसका आयोजन कर चुकी है।
- 2023 में पहले UPITS में 70 हजार B2B (बिजनेस टू बिजनेस) और 2.37 लाख B2C (बिजनेस टू कंज्यूमर) विजिटर्स आए थे। वहीं 1,914 प्रोडक्ट्स को प्रदर्शित करने वाले एग्जिबिटर्स और 400 से ज्यादा विदेशी खरीदार मौजूद थे। जिसमें
करीब 1,500 एमओयू पर सहमति बनी और 9,000 करोड़ रुपए के बिजनेस की संभावना बनी।
- 2024 में UPITS के दूसरे एडिशन में B2B (बिजनेस टू बिजनेस) विजिटर्स की तादाद 1 लाख, B2C (बिजनेस टू कंज्यूमर) 3 लाख, प्रदर्शकों (एग्जिबिटर्स) की तादाद 2,122 और विदेशी खरीदार 350 रहे।
इसमें 2,200 करोड़ रुपए से ज्यादा का एक्सपोर्ट ऑर्डर और 40 करोड़ रुपए से ज्यादा की सीधी बिक्री हुई। वहीं 1,800 एमओयू पर सहमति बनी और करीब 10,500 करोड़ रुपए के निवेश की संभावना बनी।
- UPITS 2025 में 5 लाख से ज्यादा टोटल विजिटर्स, 1,40,735 घरेलू (बिजनेस टू बिजनेस) खरीदार और 3,66,364 (बिजनेस टू कंज्यूमर) विजिटर्स, और 2,228 प्रदर्शक शामिल हुए। वहीं 85 देशों से आए 525 अंतर्राष्ट्रीय खरीदार इस आयोजन का हिस्सा बने।
हर आयोजन के साथ एमओयू पर सहमति बनने को लेकर तो यूपी की धमक देश और दुनिया में बढ़ती गई लेकिन एक्चुअल इंवेस्टमेंट और इंडस्ट्रियल ग्रोथ के लिहाज से यह सफर लंबा और कठिन साबित हो रहा।
इस वजह से 2025 का यह इंटरनेशनल ट्रेड शो यूपी और भारत सरकार दोनों के लिए बेहद अहम और चुनौती भरा रहा है।
ओडीओपी के दीवाने विदेशी, 21 करोड़ के समझौते
कभी अपने परंपरागत शिल्प के लिए मशहूर रहा उत्तर प्रदेश अब आधुनिक उद्योगों और स्टार्टअप्स का भी ग्लोबल सेंटर बन गया है। हालिया इंटरनेशनल ट्रेड शो में भारतीय व्यापारियों के सामानों को खरीदने के लिए उमड़े विदेशी खरीदारों की भीड़ ने दिखाया कि देश में लोकल टू ग्लोबल का नेतृत्व अब यूपी कर रहा है। इस आयोजन में बनाए गए ओडीओपी पवेलियन में पांच दिन में ही कुल 11,305 विजिटर्स से 46,005 लीड्स पैदा हुईं और कुल 20.77 करोड़ रुपए के सौदों पर सहमति बनी। इस इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के सभी 75 जिलों से आए 2,250 से ज्यादा प्रदर्शकों (एग्जिबिटर्स) ने अपनी कला और उत्पाद पेश किए थे। जिसमें भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल उद्योग, फर्रुखाबाद के जरी-जरदोजी और फिरोजाबाद के ग्लासवर्क ने विदेशी खरीदारों को खासतौर पर अपनी ओर खींचा। वहीं आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर के स्टॉल्स पर भी विदेशी प्रतिनिधियों की काफी भीड़ रही।
GI Tag प्रोडक्ट्स में यूपी बना जीआई कैपिटल
अपने उत्पादों को दुनिया भर में यूनिक पहचान दिलाने के मामले में उप्र सरकार की मेहनत रंग ला रही है। यूपी 77 जीआई टैग उत्पादों के साथ देश का टाॅप जीआई कैपिटल बन चुका है। इतना ही नहीं राज्य में 75 नए उत्पादों को जीआई टैग से जोड़ने की प्रक्रिया भी अपने आखिरी दौर में है। यूपी में कुल 77 जीआई रजिस्टर्ड प्रोडक्ट्स में 57 हस्तशिल्प और 20 कृषि एवं खाद्य उत्पाद शामिल हैं। UPITS 2025 में भी 60 जीआई प्रोडक्ट प्रदर्शित किए गए थे। जिसमें 32 उत्पाद काशी और आसपास के जिलों के थे। सरकार की यह पहल राज्य के कुशल हस्तशिल्पियों को इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंचाने और जीआई उत्पादों की ग्लोबल ब्रांडिंग करने की है।
ग्लोबल मंच पर MSMEs और स्टार्टअप्स
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) में इस बार 525 से ज्यादा विदेशी खरीदार पहंुचे और भारतीय उद्यमियों के साथ उनकी लगातार मीटिंग्स और एमओयू साइन की प्रक्रिया चली। इस ट्रेड शो ने यूपी के एमएसएमई सेक्टर और नए स्टार्टअप्स को विदेशी बाजार तक पहंुचने का आसान रास्ता दिखाया। सबसे बड़ी खासियत रही जिसे फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (FIEO) की ओर से आयोजित ‘इंटरनेशनल बायर्स-सेलर्स मीटिंग्स‘। इस पहल ने यूपी के उद्योगों व उत्पादों के लिए सीमा पार व्यापार सहयोग की नई राहें खोलने का काम किया। जिससे यूपी समेत देश भर के निर्यातकों (एक्सपोटर्स) को दुनिया भर के खरीदारों से सीधे जुड़ने और बिजनेस करने का मौका मिला।
सीएम युवा उद्यमी से जुड़े 90 हजार युवा
यूपी के साथ ही अन्य राज्यों के हजारों युवाओं के लिए इंटरनेशनल ट्रेड शो इनोवेटिव बिजनेस आइडिया दिखाने का बेहतरीन मंच भी बना। सीएम युवा काॅनक्लेव में 113 स्टॉल्स के साथ 49 फ्रैंचाइज ब्रांड, 64 मशीनरी सप्लायर और 26 बिजनेस ऑन व्हील्स मॉडल्स भी दिखाए गए। सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं की तादाद 90 हजार पहंुच गई है। सीएम युवा कॉन्क्लेव मंच में युवाओं की ओर से कुल 8,525 बिजनेस इंक्वायरी दर्ज हुईं। वहीं 7,500 से ज्यादा युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया और 2,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स की एक्टिव भागीदारी रही। सीएम युवा काॅन्क्लेव उद्यमी बनने वाले युवाओं के लिए नेटवर्किंग और इन्वेस्टमेंट का मजबूत साधन बन चुका है।
ट्रेड शो में यूपी की ‘सेहत‘ टाॅप पर
उद्योग, निवेश और व्यापार के अलावा भी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो देश भर के लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना। हेल्थकेयर में आठ साल पहले तक ‘बीमारु‘ राज्य’ कहे जाने वाले यूपी ने हेल्थकेयर और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में जो जबरदस्त सुधार किए हैं, वह पूरे देश के लिए मिसाल बन गए हैं। इस आयोजन में अन्य राज्यों से आए हजारों लोगों ने यूपी में मिल रहे इलाज और हेल्थ सुविधाओं की जानकारी लेने में दिलचस्पी दिखाई। UPITS 2025 में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत बनाये गए आयुष्मान कार्ड्स की जानकारी लेने वालों की भीड़ सबसे ज्यादा रही। यूपी में 9 करोड़ टारगेटेड लाभार्थियों में से कुल 5.38 करोड़ लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले नंबर पर पहंुच गया है। यूपी में अब तक 87ः पात्र परिवारों में से कम से कम एक सदस्य का आयुष्मान कार्ड बन चुका है।
खादी बनेगा ‘फैब्रिक आॅफ फ्यूचर‘ का ग्लोबल ब्रांड
भारत के बने खादी को दुनिया में ‘फैब्रिक आॅफ फ्यूचर‘ का ग्लोबल ब्रांड बनाने की तैयारियों को यूपीआईटीएस ने और भी बड़ा मंच दे दिया है। पीएम मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल‘ के मंत्र को अपनातेे हुए यूपी ने खादी और हैंडलूम उद्योग को नई पहचान देने में बड़े कदम उठाए हैं। यूपी सरकार खादी को सिर्फ परिधान नहीं मान रही बल्कि इसे आत्मनिर्भर भारत के विजन की अहम कड़ी मानते हुए आत्मनिर्भरता, कारीगरी और विकास के तौर परं दुनिया के सामने रख रही है। सरकार का लक्ष्य है कि खादी को लोकल से ग्लोबल स्तर तक एक मजबूत ब्रांड बनाकर यूपी को हैंडलूम हब के रूप में तैयार किया जाए।
1200 प्रोडक्ट्स की ग्लोबल पहचान, बनेंगे यूनिटी माॅल
विदेशी निवेश और खरीदारों को यूपी से जोड़ने के लिए कराए गए UPITS-2025 में ओडीओपी पवेलियन सबसे बड़ा आकर्षण था। इस ओडीओपी पवेलियन में देश के हर जिले की पारंपरिक पहचान को अंर्तराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की कोशिश की गई। देश के 750 से ज्यादा जिलों में चल रही ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट‘ (ODOP) योजना से 1,200 से ज्यादा भारतीय उत्पादों को दुनिया भर में पहचान मिल चुकी है। इस इंटरनेशनल ट्रेड शो ने यूपी के फिरोजाबाद के कांच से बने प्रोडक्ट्स, मुरादाबाद का पीतल, बनारस की साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी और आगरा के चमड़े के सामानों को ग्लोबल पहचान दिलाई है। ओडीओपी को और भी लोकप्रिय बनाने के मकसद से सरकार उत्तर प्रदेश में लखनऊ, आगरा और वाराणसी में यूनिटी मॉल स्थापित कराने जा रही है। प्रदेश की महिला उद्यमियों और युवाओं के लिए नए अवसर दिलाने के लिए तैयार किए जा रहे इन यूनिटी मॉल्स में प्रदेश के सभी 75 जिलों और पूरे देश के ओडीओपी उत्पाद दिखाए जाएंगे।
इसे भी पढ़ें:
बजट 2026-2027 - एमएसएमई को ’चैम्पियन’ बनाने की चाह, ‘नए वर्ल्ड ऑर्डर’ में भारत की मजबूत राह
उत्तर प्रदेश बजट 2026-2027 यूपी बनेगा स्टार्टअप, इन्वेस्टमेंट, एग्री-एक्सपोर्ट और टेक्स्टाइल का हब